सुख खुशी आती है
फिर दोनों जाती है
दुःख भी आता है
यह भी जाता है
बेवजह इंसान घबड़ाता है
बेवजह इंसान बड़बड़ाता है
जीवन नहीं रूकता है
समय नहीं रुकता है
समय बदलता रहता है
इंसान चलता रहता है
बाधाएं आकर हमें सिखाती हैं
ये जीवन में शक्ति लाती हैं।
- सत्येन्द्र कुमार सिंह 'सहज'
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