अनुशासन के बिना नई पीढ़ी जाएगी कहां?
अनुशासन के बिना नई पीढ़ी पढ़ पाएगी कहां?
बिना पढ़े नई पीढ़ी जाएगी कहां?
गुरु का करता जो सम्मान
होता है उसका उत्थान
जो नित नूतन पढ़ता है
निरंतर आगे वही बढ़ता है
जीवन में नई चढ़ाइयां वह चढ़ता है।
- सत्येन्द्र कुमार सिंह 'सहज'
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