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ऐसा क्यों हो रहा है?

                
                                                         
                            मानवीय मूल्य घट रहा है
                                                                 
                            
बस्तुओं का दाम बढ़ रहा है
ऐसा क्यों हो रहा है?
इंसान विश्वास क्यों खो रहा है?
जुबान की कीमत क्यों घट रही है?
जनता जातिवाद में क्यों बंट रही है?
अलगाववाद क्यों बढ़ रहा है?
भेदभाव क्यों बढ़ रहा है?
एकता की क्यों कमी है?
संस्कृति पर धूल क्यों जमी है?
चलो मानवीय मूल्यों को बढ़ाएं
देश को आगे की ओर ले जाएं।
- सत्येन्द्र कुमार सिंह 'सहज'
- हम उम्मीद करते हैं कि यह पाठक की स्वरचित रचना है। अपनी रचना भेजने के लिए यहां क्लिक करें।
4 घंटे पहले

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