आज के बच्चे कोचिंग के भरोसे जी रहे हैं
विद्यालय में तो वे शिक्षकों का खून पी रहे हैं
शिक्षकों की टांग वे खींच रहे हैं
शिक्षक भले खून से उन्हें सींच रहे हैं।
- सत्येन्द्र कुमार सिंह 'सहज'
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