भेड़-चाल को सराहना,
सीधी बात को उलाहना!
नकल पर ताली बजाना,
असल से पीछा छुड़ाना!
सच को यूँ ही झुठलाना,
झूठ को ही गले लगाना!
ऐसा-वैसा मिसरा बनाना,
ऐसा भी क्या शेर निभाना?
-अनिता दासानी,'अदा'
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