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कहां ढूंढू तुम्हे जब मुझमें तुम हो

                
                                                         
                            रक्त रक्त में तुम हो
                                                                 
                            
श्वास श्वास में तुम हो
हृदय हृदय में तुम हो
कहाँ ढूँढूँ तुम्हें जब मुझमें तुम हो ।

रोम रोम में तुम हो
नाड़ी नाड़ी में तुम हो
वाणी वाणी में तुम हो
कहां ढूंढू तुम्हे जब मुझमें तुम हो ।

चक्षु चक्षु में तुम हो
ख्याल ख्याल में तुम हो
स्वप्न स्वप्न में तुम हो
कहां ढूंढू तुम्हे जब मुझमें तुम हो ।

काया काया में तुम हो
छाया छाया में तुम हो
अंतर्मन में भी तुम हो
कहाँ ढूँढूँ तुम्हें जब मुझमें तुम हो।

धड़कन धड़कन में तुम हो
जीवन जीवन में तुम हो
सत्य तुम ही, दर्पण में तुम हो
कहाँ ढूँढूँ तुम्हें जब मुझमें तुम हो।
-अनिला विर्णवे
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एक महीने पहले

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