नौकरी है साहब, सब हिसाब माँगा जाएगा
शिकायत भी करोगे, वफ़ादारी भी माँगी जाएगी,
ये ज़िंदगी है साहब,
नौकरी में हर बात का हिसाब माँगा जाएगा।
ख़ुद को साबित करने के लिए
आपका ज़मीर भी माँगा जाएगा,
ज़रा-सी भूल हो जाए तो
उसका भी हिसाब माँगा जाएगा।
ये नौकरी है साहब,
यहाँ सब हिसाब माँगा जाएगा।
आपको सही साबित करने के लिए
सबूत भी माँगा जाएगा,
और महफ़िल में बैठे होंगे तो
फ़रमाइश में भी माँगा जाएगा।
कितना भी कर लो, कम ही समझा जाएगा,
हर कदम पर नया पैमाना लगाया जाएगा।
ये नौकरी है साहब,
यहाँ सब हिसाब माँगा जाएगा।
— अनिल शाह
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