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बुजुर्गों से सलाहत करते

                
                                                         
                            हम तेरी ओर चले भी तो कुछ डरते डरते
                                                                 
                            
जाने क्या सोचते और खुद से ही बातें करते
दिले नाकाम का क्या करें समझ आता नहीं
आईना होता तो कई इसके हम टुकड़े करते
हम तेरी जगह जो होते तो करते किस्सा खत्म
ये नहीं करते तो फिर तुम पे इनायत करते
है कोई बात ही ऐसी नहीं कि कहना मुश्किल
होता कुछ और तो बुजुर्गों से सलाहत करते
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3 घंटे पहले

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