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                            किनारे आ गया मगर मैं डूबने के लिए
                                                                 
                            
मिले हो तुम भी लग रहा है छूटने के लिए
मेरी नजदीकी से गर तुम्हें एतराज न हो
तुम्हारे पास ये आया हूं पूछने के लिए
ऐसे सौदाई की भी कद्र कहां होती है
नहीं बचा हो जहां कुछ भी लूटने के लिए
है कितनी देर से इतरा रहा इसे देखो
है बुलबुला ये बेकरार फूटने के लिए
उजाले के लिए थे और इंतजाम बहुत
चिराग जल रहा भी था तो बुझने के लिए
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3 महीने पहले

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