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                            कितने दिलों में आग दिखाई देती है
                                                                 
                            
अब जलती हुंकार सुनाई देती है
मुद्दत से है राहों की दरकार हमें
हर सूं बस दीवार दिखाई देती है
इश्क के खेल जीत भी जाते होंगे लोग
हमको तो बस हार दिखाई देती हैं
दुआ ही कर सकते हैं हम खुशहाली की
जब अंधी सरकार दिखाई देती है
अनहोनी की बदली उन्हें दिखती ही नहीँ
हमको तो हर बार दिखाई देती है
परवानों में जलने का है खौफ, शमां
बुझने को तैयार दिखाई देती है
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56 मिनट पहले

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