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फिर से दिल टूटा, आईना टूटा

                
                                                         
                            मंजर कितने थे डूबने वाले
                                                                 
                            
सब बताते हैं तैरने वाले
अक्सर किसी को ढूंढा करते हैं
मुझको राहों में छोड़ने वाले
जाम ओ साकी के सहारे हैं सभी
दिल किसी का तोड़ने वाले
खुद की भी खबर नहीं रखते
दौड़ अंधी ये दौड़ने वाले
हर कदम ही किसी चौराहे पर
खड़े हैं हमको मोड़ने वाले
बिना सहारे अब खड़े नहीं होते
बाहें मेरी मरोड़ने वाले
फिर से दिल टूटा,आईना टूटता
फिर हैं मजबूर जोड़ने वाले
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8 घंटे पहले

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