तुम बिन
तुम बिन सहारा कौन है
हे!सावँरे हे!सावँरे ?
तुमको तो सब कुछ है पता
दुखियों की सुनते हो सदा
दर्शन बिन नैन हैं बावरे
हे!सावँरे हे!सावँरे
आया तेरे दरबार मैं
अर्जी लिए सरकार मैं
तुम बिन न कोई ठाव रे
हे!सावँरे हे!सावँरे
भटके हुए इस मन को,
प्रभु अपनी राह दिखा।
चरणों की दे दो छाँव रे,
हे!साँवरे, हे!साँवरे॥
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