डूबती इन आँखों को न तरसाया कीजिए,
पुकारती है रूह मेरी, तो आ जाया कीजिए।
भीगी ज़ुल्फ़ों से बरसाते हो बारिशें तुम,
बंजर है ज़मीं मेरी, ज़रा रहम कीजिए।
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