शीर्षक:अद्भुत शौर्य की गाथा
स्मित माछर ने वो काम कर दिया
सारे जहाँ मे अपना नाम कर दिया
अपनी हस्ती को इतनी बुलंद कर दिया
दुनिया भर मे अपनी बहादुरी का परचम लहरा दिया
सारे जहाँ के राष्ट्राध्यक्षों ने स्मित की बहादुरी की गाथा को जग में फैला दिया
खूब लड़ा, नहीं झुका वो, नहीं डरा वो जरा भी नहीं घबराया
इसीलिए आतंक से जीत गया वो, वहशत से जीत गया वो
बहादुरी की एक मिसाल कायम कर गया वो
इतनी सारी अनमोल जिंदगियाँ बचा गया वो
आसमां में जंग छिड़ी नेकी और बदि की
और नेकी को जिता गया वो, एक नज़ीर कायम कर गया वो
भारतीयता की धाक दुनिया में कायम कर गया वो
भारतीय होने के माने सारे जग में जाहिर कर गया वो
सच में आसमाँ का फरिश्ता होने का तमगा हासिल कर गया वो
सारी दुनिया हर्षित है स्मित माछर के इस कारनामे पर
सब उसकी निर्भीकता की उन्मुक्त कंठ से प्रशंशा कर रहे हैं
इतने सारे यात्रियों की जान बचा गया वो
पहली बार किसी ने हवा में अनंत शौर्य दिखाया हो
छू ली स्मित ने शौर्य की अनंत ऊँचाइयाँ
सबको बहादुरी का नया सबक सिखा गया वो
जुग जुग जिये स्मित माछार और
हर भारतीय को यही ज़ज़्बा सिखा गया वो
-अनंत कुमार माथुर ' अनंत '
- हम उम्मीद करते हैं कि यह पाठक की स्वरचित रचना है। अपनी रचना भेजने के लिए यहां क्लिक करें।
कमेंट
कमेंट X