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बेरोजगार

                
                                                         
                            भूखा पेट घिसी है चप्पल,
                                                                 
                            
नही नौकरी साथ II

भले बुरे का फर्क हुआ तब,
जीना सीखा साथ II

दर्द बनाता इंसा मुझको,
अब तक मुझे है याद II

शुक्र खुदा का, पैर जमीं पर,
जीना सीखा आज II
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2 वर्ष पहले

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