कुछ और नहीं है जीवन में
जिसको मैं बतलाऊँगा
संघर्षों की नाव में चढ़कर
यह बेड़ा पार लगाऊँगा
जीवन इतना सरल नहीं है
जिसकों तुमने अभि जाना है
थोड़ी सी इच्छाओं खातिर
तुमने खुशियाँ त्यागा है।
अब यह तो है एक कठिन डगर है
जिसमें तुमको जाना है.
समुद्र नदियाँ ताल-तलाइयाँ
सबको पार लगाना है
चल दिया हूँ जिस पथ पर
अब इसमें जान लगाना है.
दिया हौसला सबने हमको
कुछ करके तो दिखलाना है
रुकना नहीं है तुझको अब
सबको निगल के जाना है।
और बतलाऊँ क्या मैं तुमको
कांटों के पथ पर चले रहो
संघर्ष तुम्हारा सफल होगा
ओ आज नहीं तो कल होगा
निश्चय ही तु सफल होगा।
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