अल्फाजों से बुने , जुड़े रिश्ते
एहसासों से भरे होते हैं
फिर भी ये रिश्ते कागज के
फूल की तरह ही बस खूबसूरत होते है
इनमें ,वो संग रह कर बसने वाली
खुश्बू नहीं होती , बागों में खिलने
वाले फूलों की तरह, या खुल के कहूं
तो परिवार की तरह
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