आप अपनी कविता सिर्फ अमर उजाला एप के माध्यम से ही भेज सकते हैं

बेहतर अनुभव के लिए एप का उपयोग करें

विज्ञापन

मम्मी-पापा छोड़ के मुझको ऐसे तुम न जाओ।

                
                                                         
                            मम्मी-पापा छोड़ के मुझको
                                                                 
                            
ऐसे तुम न जाओ
रो रो कर हम मर जाएंँगे
मुझको साथ ले जाओ।

रहेंगे हम सब साथ साथ में
छोडे़ेंगे न हाथ
साॅरी साॉरी टोनी टिनी
ये है पक्की बात।

दुनिया तो बस कहती है
कहने दो उसे
बातें बेकार की जो
रहने दो उसे
नज़र लगे न प्यार को मेरी
दे हाथों में हाथ
साॅरी साॉरी टोनी टिनी
ये है पक्की बात।

तुम सब से ही है अब अपना
ये सारा संसार
जनम जनम तक अमर रहेगा
अपना सच्चा प्यार
जीवन के सफर में मेरे
दिन हो चाहें रात
साॅरी साॉरी टोनी टिनी
ये है पक्की बात।
 - अमित प्रेमशंकर
- हम उम्मीद करते हैं कि यह पाठक की स्वरचित रचना है। अपनी रचना भेजने के लिए यहां क्लिक करें।
एक दिन पहले

कमेंट

कमेंट X

😊अति सुंदर 😎बहुत खूब 👌अति उत्तम भाव 👍बहुत बढ़िया.. 🤩लाजवाब 🤩बेहतरीन 🙌क्या खूब कहा 😔बहुत मार्मिक 😀वाह! वाह! क्या बात है! 🤗शानदार 👌गजब 🙏छा गये आप 👏तालियां ✌शाबाश 😍जबरदस्त
विज्ञापन
X
बेहतर अनुभव के लिए
4.3
ब्राउज़र में ही

अब मिलेगी लेटेस्ट, ट्रेंडिंग और ब्रेकिंग न्यूज
आपके व्हाट्सएप पर