कुछ लोग
ज़िंदगी में ऐसे आते हैं,
जैसे बारिश के बाद
मिट्टी की ख़ुशबू।
ठहरते नहीं,
मगर अपने होने का
एक एहसास छोड़ जाते हैं।
फिर वक़्त गुज़रता है,
रास्ते बदल जाते हैं,
चेहरे भीड़ में खो जाते हैं—
मगर उनकी कही हुई
एक छोटी-सी बात
कभी-कभी
पूरी रात जगा देती है।
शायद हर रिश्ता
मंज़िल तक पहुँचने के लिए नहीं होता,
कुछ रिश्ते तो बस
हमें ख़ुद से मिलाने आते हैं।
और फिर चले जाते हैं…
बिना अलविदा कहे।
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