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अटल इरादे

                
                                                         
                            तुम बहुत तीखे हो,
                                                                 
                            
हम बहुत सादे हैं,
तुम्हारी अपनी दुनिया है,
हमारे अपने वादे हैं।

लोग-बाग कुछ भी कहें,
हमने कब उनकी सुनी है,
राहें चाहे कठिन हों,
मंज़िल की आस चुनी है।

न दिखावे की चाहत है,
न दुनिया से कोई गिला,
जो दिल ने सच मान लिया,
उसी राह पर कदम चला।

तूफ़ानों से कह दो
हम झुकने वालों में नहीं,
हालात चाहे जैसे हों,
हम रुकने वालों में नहीं।

खामोशी हमारी कमजोरी नहीं,
ये धैर्य की पहचान है,
सादगी हमारी ताकत है,
और हौसला हमारी जान है।

लोग बदलें, मौसम बदलें,
बदल जाए चाहे ज़माना,
हम अपने अटल इरादों से
नहीं बदलेंगे अपना फ़साना।

क्योंकि जीत शोर से नहीं,
विश्वास से मिलती है
और सच्चे इरादों की राह
एक दिन मंज़िल तक जाती है।
-आचार्य अमित
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6 दिन पहले

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