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करुणा की अविरल धार हो

                
                                                         
                            नौ दिन, नव देवी-रूप,
                                                                 
                            
हर साल जिनका जगराता हो।
माँ शैलपुत्री, माँ ब्रह्मचारिणी,
चंद्रघंटा, कूष्माण्डा, स्कंदमाता हो।

माँ कात्यायनी, माँ कालरात्रि हो
माँ महागौरी, माँ सिद्धिदात्री हो

श्वेत-वस्त्रावृता माँ शारदा
अति मधुरिम वाणी हो,
माँ काली, माँ दुर्गा,भवानी
सृष्टि की जग-कल्याणी हो!

विरल हो सघन हो
अथाह सागर हो, असिमित गगन हो

भक्ति की पावन पुकार हो
साकार हो,निराकार हो
करुणा की अविरल धार हो
या ममतामयी माँ सा प्यार हो।
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48 मिनट पहले

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