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तेरा मिलना

                
                                                         
                            तेरा नजदीक से गुजर जाना
                                                                 
                            
अब तो गया है एक जमाना
दिल जो तड़पा तो गज़ल निकली
उसे लगता है, एक फ़साना
झील ने उसकी आँखों से पाई गहराई
फूलों ने सीखा मुस्कुराना
नज़र बचा के मुझे देख लेते हो
खूब आता है, तुम्हे बहलाना
वादा उसका एक कच्ची डोर है
नहीं जानते वो उसे निभाना
हाय वो उसके बूँदे की चमक
बिजली को भी पड़ जाए शरमाना
एक बार जो देख ले नज़र भर के
किस्मत का करना तुम शुकराना
मयखाने मैं इतनी मै नहीं है
जितनी रखता है, उसकी आँखों का पैमाना
सीख रहे है, हम भी इश्क मैं बाजीगरी
जब से देखा है, हमने उनका इतराना
वैसे तो आजकल वो मुझसे खफा हैं
चलता रहता है, रुठना मनाना
खुशबू गुलाब की, शोखी बहारों की
मेरे महबूब की हर अदा है शायराना
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3 महीने पहले

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