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वो गए तो फ़क़त उम्र ढलती रही

                
                                                         
                            वो गए तो फ़क़त उम्र ढलती रही
                                                                 
                            
उनके जाने पे भी साँस चलती रही

ज़र्द पत्तों-सा मौसम गुज़रता रहा
एक तस्वीर आँखों में पलती रही

झील का पानी ऊपर से ठहरा ही था
तह-ब-तह कश्मकश सी मचलती रही

 
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2 महीने पहले

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