स्वप्न तेरा, मन मेरा, बंध गए हैं एक डोर।
तेरे ख्वाबों की उड़ान में, मैं बन गया तेरा चकोर।
नींद मेरी, दृश्य तेरे, रचते हैं मधुर कहानी।
हर पल तुझसे जुड़ जाता, जैसे घटा से रवानी।
तू संध्या की वो रंगत है, मैं पिघला सा कोई सवेरा।
तू नयन बंद कर जो देखे, वो संसार हो मेरा।
तेरी कल्पनाओं के संग मैं, हर रात बह जाता हूँ।
तेरे ख्वाबों की सरिता में, खुद को खो आता हूँ।
तू बस जाए मेरी चेतना में, कोई गीत बनकर धीरे।
स्वप्न तेरा जो सजे नयन में, वो धड़कन बन जाए मेरे।
मन मेरा जब भी रोता है, तुझमें ही ढूंढ़े सहारा।
स्वप्न तेरा, मन मेरा—ये बंधन सबसे प्यारा।
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