तुमसे मुलाकात के उस साल पर लानत हो।।।
तेरे लिए जो आया था उस ख्याल पर लानत हो
जिस नाम से थी मुझको मोहब्बत बेशुमार
उस नाम पर लानत हो तेरे नाम पर लानत हो
तेरी यादें लेकर आती थी जो ख्वाब मुझे दिखाती थी
हर उस शाम पर लानत हो तेरे नाम पर लानत हो
वो भूल जो हुई थी कि तुम मेरी अमानत हो...
उस भूल पर लानत हो उस भूल पर लानत हो
जो दर्द पिया मैंने वो तुमने दिया था
उस दर्द के एक-एक घूंट पर लानत हो
तू है ही नहीं सच तू झूठ का पुतला था
तेरी झूठ पर लानत हो मनहूस पर लानत हो
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