प्रक्षेपण हुआ चंद्रयान तीन का,
दूरदर्शन पर भारत उमड़ पड़ा।
श्रीहरिकोटा के अंतरिक्ष केंद्र से,
जब दहाड़ लगाते यान उड़ा।।
एक तरफ थी करतल ध्वनि,
दूजे गड़गड़ाहट यान की।
वैज्ञानिकों की कड़ी मेहनत,
भारत के सम्मान की।।
इक दिन होगा सपना पूरा,
मानव जीवन चांद पर।
होटल होगा बस्ती होगी,
रिश्ते होंगे चांद पर।।
-- लेखक एवं रचनाकार : अशर्फी लाल मिश्र,अकबरपुर, कानपुर।©
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