श्वेत केश तजुर्बे के, काले केश उमंग।
काजल रेख नयन संग , मन में भरता रंग।।
पाषाण हृदय
पाहन हिय मृदुता संग ,सरल ह्रदय बन जाय।
जिमि शैल खंड जल धार, रुचिर शिवांग कहाय।।
- अशर्फी लाल मिश्र , अकबरपुर , कानपुर
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