अहंकार
अहंकार के अश्व चढ़ , मत इठलाये कोय।
मानव तन नश्वर होइ , यह जानत सब कोय।।
कपट
सत्य कभी डिगता नहीं , असत्य टिकता नाइ ।
जब कपट सफलता होइ , मानव मदांध होइ ।।
--Poet : Asharfi Lal Mishra , Akbarpur, Kanpur.
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