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नीति के दोहे मुक्तक

                
                                                         
                            अहंकार
                                                                 
                            
अहंकार के अश्व चढ़ , मत इठलाये कोय।
मानव तन नश्वर होइ , यह जानत सब कोय।।

कपट
सत्य कभी डिगता नहीं , असत्य टिकता नाइ ।
जब कपट सफलता होइ , मानव मदांध होइ ।।


--Poet : Asharfi Lal Mishra , Akbarpur, Kanpur.



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6 वर्ष पहले

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