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जागो जागो धरा सपूतो

                
                                                         
                            जागो जागो धरा सपूतो,
                                                                 
                            
तू मानवता पुजारी बन जाये।
हिंसा पर अहिंसा विजयी हो,
ऐसे दिग्विजयी तू बन जाये ।।

जो कोई दिखे दिग्भ्रमित,
अहिंसा संदेश देता जाये।
मानवता सदा उर में रखकर,
मानवता पुजारी तू बन जाये।।

धधके ज्वाला आतंक कहीं,
तू अहिंसा मेघ बन जाये।
इतना बरसो झूम के बरसो,
आतंकी ज्वाला ठंडी हो जाये।।

--अशर्फी लाल मिश्र, अकबरपुर, कानपुर
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3 वर्ष पहले

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