मैं कुहासा
मेरा शासन,
न चलेगी रेल
न चलेगा यान।
काया मेरी प्रचंड
भयभीत मार्तण्ड ,
भयाकुल खगकुल
छिपा नीड।
सिंह भी जा छिपे
अपनी माँद ,
नर नारी सभी
अपने भवन।
रोड पर कर्फ्यू
धीमें वाहन ,
कुहासा का
यही फरमान।
न चलेगी रेल
न चलेगा यान।
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