बिन बोले ही अँखियाँ बात करेेें ,
वाणी नहीं कोई बात नहीं ।
कितना भी छिपायें दिल का राज,
भौहें बतायें सारा राज।
वाणी नहीं कोई बात नहीं ,
एक चितवन ही बताये सारा राज
वाणी नहीं कोई बात नहीं ,
मस्तक की भंगिमा कहती राज ।
वाणी नहीं कोई बात नहीं ,
कपोल छिपायें न कोई राज ।
वाणी नहीं कोई बात नहीं ,
अधराधर कहते दिल का राज ।
वाणी नहीं कोई बात नहीं ,
दन्त की पंगति खोले राज।
--अशर्फी लाल मिश्र , कानपुर देहात
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