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अनुज एवं बहू को विवाह

                
                                                         
                            प्रेम-सुमन से सजा रहे, जीवन का हर द्वार,
                                                                 
                            
अभिषेक-विभा अमर रहे, पावन यह संसार।
सात फेरे, सातों वचन, बनें अटल विश्वास,
हर मौसम में साथ रहे, खिलता रहे उल्लास।
जब-जब आए कठिन घड़ी, हाथ न छूटे साथ,
नेह-दीप बन रोशनी दे, हर अँधियारी रात।
विभा बने घर की शीतलता, अभिषेक दृढ़ छाँव,
प्रेम-नदी के संग-संग बहें, सुख के मधुर बहाव।
मंटो की मुस्कानों से गूँजे घर का हर कोना,
गोलू की भोली बातों से महके जीवन-सोना।
यश, वैभव, सुख, शांति का भर जाए हर धाम,
माँ लक्ष्मी की कृपा रहे, गूँजे हरि का नाम।
बरस-बरस यह प्रेम-बेल नव पल्लव धारण करे,
हर वर्षगाँठ नव वसंत बन जीवन में अवतरे।
युग-युग तक यह दाम्पत्य-रथ बढ़ता रहे महान,
ईश्वर से बस यही प्रार्थना, रहे सदा मुस्कान।
स्नेह भरे इस शुभ अवसर पर मेरा यही प्रणाम,
शत-शत मंगलकामनाएँ, बढ़ता रहे तुम्हारा नाम।
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3 महीने पहले

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