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रुसवाईयाँ रह जाएँगी

                
                                                         
                            तुम तो चली जाओगी निशानियां रह जाएँगी,
                                                                 
                            
अनकही अनसुनी सी कहानियां रह जाएँगी,,

आहट तेरे जाने की पे लबों को सिल लूंगा,
पलकों के कोरों पे रवानियाँ रह जाएँगी,,

मोहब्बत का सलीका है महफ़िल तो सजा लूंगा,
जिक्र करके तुम्हारी नज़रों का किलकारियां रह जाएँगी,,

सफर गुज़र जायेगा खवाब उतर जायेगा,
मैं सिमट जाऊंगा पर बेचैनियां रह जाएँगी,,

क्या रहा मेरा तेरे पास ये उम्र भर की टीस है,
मैं तो चला जाऊंगा मेरी रुसवाईयाँ रह जाएँगी 


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6 वर्ष पहले

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