तुम्हारी तारीफ में मै अपने कुछ अल्फ़ाज़ बोलूंगा
जिससे महकी मेरी दुनिया तुम्हे बो हमराज बोलूंगा
मिला जो रब की मर्जी से तुम्हे बो सबाब बोलूंगा
मेरी खुली आंखों में जो है चलता तुम्हे बो ख्वाब बोलूंगा
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