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ठहरना ठीक होता हैं

                
                                                         
                            चलते रहने से तन थक जाता है
                                                                 
                            
ठहरना ठीक होता है
हर बार आगे बढ़ते रहना अच्छा नहीं
ठहरना ठीक होता है
कोई कब तक काम करे
अपनी शाम यूं ही गुमनाम करे
ठहरना ठीक होता है
खामोश होकर ज़रा उसे देखना
ये आंखे मेरी आंखे थोड़ी है
इतने भीड़ में सिर्फ़ उसका दिखाई देना
नज़रो का ठहरना ठीक होता है
दुनिया से आगे निकल जाना
आसाँ नहीं किसी के दिल में रह जाना
मेरी सुनो रुक जाओ
ठहरना ठीक होता है
कभी इस दर तो कभी उस दर
अच्छा नहीं हर बार ठोकर खाना
चले जाओ मगर सुनो नजरों से दूर न होना
बस इतने दूर चले जाना
ठहरना ठीक होता है
तुम मेरी चिता पर आना
उसकी लौं को सीने से लगाना
हो सके तो सबसे अंत में जाना
सुना है ठहरना ठीक होता है
- ऐ. के. गौतम
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56 मिनट पहले

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