कोई क्यों आयेगा?
कोई क्यों प्यार जताएगा?
ये जरूरत की दुनिया है,
जरूरत पर याद आयेगा।
मन का किय तो ठीक,
नहीं, तुम पर इल्ज़ाम लगाया जाएगा।
गलत ठहराया जाएगा।
सब गलती पर नाम तुम्हारा बताया जाएगा।
तुम बोलते रह जाओगे,
गलत फिर भी तुम बताए जाओगे।
मत रोना ऐसे हालात में,
मानना गलती अपनी,
बचा समेटना,
निकल जाना,
वहां
जहां तुम्हे सुकून मिले,
इल्जाम से दूर रहे,
न जानता कोई तुम्हे,
सिर्फ पहचान हो तुम्हीं।
सिर्फ पहचान हो तुम्हीं।
-आकांक्षा सिन्हा
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