सावन आया, सावन आया,
भोले बाबा का महीना आया।
रिमझिम बरसे अमृत धारा,
गूँजे "हर-हर महादेव" का नारा।
बेलपत्र, धतूरा, फूल चढ़ाएँ,
गंगाजल से अभिषेक कराएँ।
डमरू बाजे, डम-डम बाजे,
शीश पे सुंदर चंदा साजे।
भक्ति में झूमे सारा संसार,
शिव शंकर हैं सबके पालनहार।
मंदिर में अब दीप जलेंगे,
दूर दिलों के अंधेरे होंगे।
चारों तरफ उजाला भरेगा,
भोले का दर चम-चम चमकेगा।
झूम-झूम के भक्त आएँगे,
मिलकर सब भजन गाएँगे।
सोमवार का व्रत निभाएँगे,
भोले बाबा का आशीष पाएँगे।
जो सच्चे मन से नाम पुकारे,
महादेव उसके संकट टालें सारे।
भस्म रमी है अंग तिहारे,
पार लगाते टूटे सहारे।
गौरा संग विराजे त्रिपुरारी,
चरणों में झुके दुनिया सारी।
करुणा बरसे हर एक द्वार,
जय-जय भोले, त्रिपुरारी सरकार।
ॐ नमः शिवाय... ॐ नमः शिवाय...
हर-हर महादेव... हर-हर महादेव...
-आकांक्षा गुप्ता
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