जागो युवा, बदलो भारत
उठो युवा! अब वक्त पुकारे,
भारत तुमसे आशा धारे।
तोड़ो नशे की हर ज़ंजीर,
बनो राष्ट्र की अटल तक़दीर।
नशा नहीं, यह धीमा ज़हर है,
जो जीवन पर भारी कहर है।
छीन लेता हँसी और सम्मान,
तोड़ देता हर एक अरमान।
जिस हाथ में होनी थी किताब,
वहाँ नशे ने बिछाए ख़्वाब।
जिस मन में था उजला प्रकाश,
वहाँ कर दिया गहरा विनाश।
आओ ऐसा प्रण दोहराएँ,
हर घर में जागृति फैलाएँ।
नशे से भारत मुक्त करेंगे,
नई सुबह का दीप धरेंगे।
युवा जागे, देश सँवरे,
हर कदम विकास की ओर बढ़े।
स्वस्थ तन, निर्मल हो विचार,
यही है विकसित भारत का आधार।
गूँजे एक ही पावन नारा—
नशा छोड़ो, देश सँवारो,
भारत का उज्ज्वल भविष्य निखारो।
युवा बदलेंगे हिंदुस्तान,
तभी बनेगा भारत महान
-आकांक्षा गुप्ता
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