नायक की ओर से अपनी नायिका को उत्तर)
भाग – 1 : वचन अभी जीवित हैं
हम न तुम्हें भूले हैं,
न अपने वचनों से मुड़े हैं।
ऐ मेरे हमदम, मेरे महबूब सनम,
आज भी उसी प्रेम के पथ पर खड़े हैं।
कुछ पल और धैर्य धरो,
कुछ क्षण और विश्वास करो।
जो सपने हमने साथ बुने थे,
उन सबको पूरा करने का संकल्प करो।
मुझे स्वयं पर पूरा विश्वास है,
तुम पर अटूट भरोसा है।
जिस मोड़ पर तुम प्रतीक्षा करती होगी,
वहीं लौटना मेरा पहला वादा है।
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