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मैं अक्सर भूल जाता हूं

                
                                                         
                            किसी को कॉल करना हो, या रूठे को मनाना हो,
                                                                 
                            
पुरानी रंजिशें दिल से, मिटाना और भुलाना हो,
मोहब्बत का किसी से फिर, वही वादा निभाना हो,
मैं अक्सर भूल जाता हूँ...
किसी के वास्ते थमना, किसी के साथ चलना हो,
बदलती धूप के हमराह, थोड़ा सा बदलना हो,
सुलगते ज़ेहन में लेकर, कोई शिकवा टहलना हो,
मैं अक्सर भूल जाता हूँ...
पुरानी डायरी में बंद, सूखे फूल को छूना,
किसी की याद में खोकर, बुनाई ख़्वाब की बुनना,
कहानी मोड़ पर लाकर, कोई फिर से नई सुनना,
मैं अक्सर भूल जाता हूँ...
ज़माने की इस अंधी दौड़ में, ख़ुद से ही मिलना हो,
थके हारे परिंदे सा, किसी शाख़ पे टिकना हो,
पुराना ज़ख़्म जो दिल में है, उसको बैठ सिलना हो,
मैं अक्सर भूल जाता हूँ...
सफ़र की धूल में खोकर, कहाँ जाना था ये सोचना,
किसी की आँख के आँसू, बड़प्पन से ज़रा पोंछना,
कहाँ पर रुकना था मुझको, कहाँ था रास्ता मोड़ना,
मैं अक्सर भूल जाता हूँ...
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3 महीने पहले

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