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अमरत्व का वरदान हो तुम

                
                                                         
                            तुम कौन हो?
                                                                 
                            
तुम चमकता आसमान हो
जगत की सुन्दरता का प्राण हो
प्रेम के होने का प्रमाण हो

तुम हीरे की चमकती रोशनी जैसी
पत्थरो के बिच नीलम मणि जैसी
तुम अमूल्य सोने की खान हो
तुम मेरे लिए अमरता का वरदान हो

तुम देवी हो स्वयं
ना हो उर्वशी सी कम
तुम हो काली रात में चांदनी जैसी
तुम हो सुन्दर मनकामिनी जैसी

हिमगिरि से निकलती हुई जीवन जल धारा
मन जैसे धातुओं में पारा
सौंदर्य का एक सम्मान हो तुम
और मेरे लिए अमृत्व का वरदान हो तुम


-तेजस्व
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3 महीने पहले

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