आँखों ने देखा है प्यार,
तेरी मस्तानी यादें हैं यहाँ।
न जाने हूँ मैं कहाँ,
तेरी इन काली आँखों में।
कैसे करूँ मैं तारीफ़,
यूँ ही मैं अकेला हूँ।
दिल में ही है दिल की कहानियाँ,
तेरी मस्तानी यादें हैं यहाँ।
क्या मैं कहूँ इन बालों को,
जो देख धड़के मेरा जिया।
आँखों ने जो देखा है प्यार,
तेरी मस्तानी यादें हैं यहाँ।
- हम उम्मीद करते हैं कि यह पाठक की स्वरचित रचना है। अपनी रचना भेजने के लिए यहां क्लिक करें।
कमेंट
कमेंट X