बिना किसी मतभेद के देखो,
सूर्य की चारों चालें चलती हैं।
बिखेरती हैं वो अपना प्रकाश,
जिससे ये दुनिया जीती है।
बिना प्रकाश के इस जीवन में,
कोई मार्ग न मिल पाएगा।
शोषण का यह कार्य छोड़ दो,
वृक्ष नियम से हाथ बटाएगा।
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