पुष्प तो माली का है,
धरती का माली कौन है?
शृंगार कर दुनिया चल रही,
दूसरों का शृंगार लिए।
कपूर रूपी कर दिए,
तुम सब रोने वाले हो,
लूट लिया वृक्ष को,
अब किसे लूटना बाकी है।।
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