तेरी ऊँची उड़ान
ये सच है...
तू ज़मीं से आसमान देखेगा,
ये सारा जहाँ तेरी ऊँची उड़ान देखेगा।
ये सच है...
कुछ लोग आज भी तुझसे जलते हैं,
जो कुछ न कर पाए,
वो खुद को परेशान देखेगा।
मैं शामिल हूँ
तेरी हर खुशी और कामयाबी में,
मुझे यक़ीन है—
तू इससे भी ऊँची उड़ान देखेगा।
- हम उम्मीद करते हैं कि यह पाठक की स्वरचित रचना है। अपनी रचना भेजने के लिए यहां क्लिक करें।
कमेंट
कमेंट X