नसीहत है हमीद की, बच्चों को ये ख़ास
दगाबाज़ पर भूलकर, करना मत विश्वास
लोगों की क्या भावना,ज़रा नहीं अहसास
बिन सोचे करता फिरे,यहाँ वहाँ बकवास
उन लोगों की आमजन,खड़ी करेगा खाट
अंग्रेजों के जो रहे, हरदम जूता चाट
अमरीका हो रूस हो, चाहे इंँगलिस्तान
जग में होता हर जगह,प्रतिभा का सम्मान
सोच बदल सकती सभी,अच्छी रखिए सोच
चलो बना कर योजना, थोड़ी रख कर लोच
अपनी अपनी रस्म हर,सबको लगती ख़ास
अपनी अपनी सोच के, दिखते हर सू दास
-हमीद कानपुरी
- हम उम्मीद करते हैं कि यह पाठक की स्वरचित रचना है। अपनी रचना भेजने के लिए यहां क्लिक करें।
कमेंट
कमेंट X