समय के साथ ही रहो
ज़रा पकड़ रविश चलो
रुको नहीं झुको नहीं
चले चलो चले चलो
समय बहुत है क़ीमती
इसे न रायगां करो
करो न भूल कर कभी
चलन अगर न आम हो
हदफ़ से दूर हो अभी
ज़रा कहीं रुको नहीं
-हमीद कानपुरी
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