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फासला  बीच  में  बपा  ने करो

                
                                                         
                            बे वफा व्यक्ति से मिला न करो
                                                                 
                            
भूल कर साथ में रहा न करो

फासला  बीच  में  बपा  ने करो
भाई को  भाई  से जुदा  न करो

उसके असरात हों  बुरे  हर दम
यूँ  बुरी  बात को  कहा  न करो

बात  कड़वी   करे  ज़माना  गर
बात दिलपर कभी लिया नकरो

नाम  होता   खराब  हो  जिनसे
काम  ऐसे   कभी  करा  न करो
-हमीद कानपुरी
 
- हम उम्मीद करते हैं कि यह पाठक की स्वरचित रचना है। अपनी रचना भेजने के लिए यहां क्लिक करें।
1 सप्ताह पहले

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