ज़िन्दगी वार दो
हुस्न को प्यार दो
चाह हो फूल की
तो नहीं ख़ार दो
आ गया चैम्पियन
उसको उपहार दो
हुस्न गर माँगता
खूबफिर प्यार दो
दिख रहाअनमना
ठीक उपचार दो
माँग लो माफियाँ
अब अना मार दो
मन है भारी बहुत
और मत भार दो
-हमीद कानपुरी
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