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आंखों का असर

                
                                                         
                            तेरी आँखों में जाने कैसी कशिश है,
                                                                 
                            
नज़र पड़ते ही दिल बेख़ुद-सा हो जाता है।

ये ख़ामोश रहकर भी जाने क्या कहती हैं,
हर तस्वीर में कोई राज़ छुपाए रखती हैं।

सोचा था बस तस्वीर देखकर गुज़र जाएँगे,
मगर क्या पता था इन आँखों पर आकर ठहर जाएँगे।

दूर हो तुम, फिर भी ये आँखें पास लगती हैं,
जाने क्यों हर बार तुम्हारी ही याद आती है।

एक तस्वीर ने ऐसा असर किया हम पर,
कि अब बार-बार इन्हीं आँखों में खो जाते हैं।

शायद इसे ही कहते हैं इश्क़ का पहला असर,
जहाँ शख़्स से पहले उसकी आँखें पसंद आ जाती हैं।

 
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35 मिनट पहले

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